वात-पित्त-कफ रोग लक्षण
पित्त रोग लक्षण-पेट फुलना दर्द दस्त मरोड गैस, खटट्ी डकारें, ऐसीडीटी, अल्सर, पेषाब जलन, रूकरूक कर बूंद-बूंद बार-बार पेषाब, कैसी भी पथरी, सेक्स लूजिंग, षीघ्रपतन, स्वपन दोष, लार जैसी घात गिरना, षु्क्राणु की कमी, बांझपन, खुन जाना, ल्यूकोरिया, गर्भाषाय ओवरी में छाले, अण्डकोश बढना, एलर्जी खुजली शरीर में दाने षीत निकलना कैसा भी सिर दर्द षुगर से उत्पन्न षीघ्रपतन कमजोरी, इंसुलिन की कमी, पीलिया, खुन की कमी बवासीर, सफेद दाग, माहवारी कम ज्यादा आदि । वात रोग लक्षण- अस्सी प्रकार के बात, सात प्रकार के बुखार, घुटना कमर जोडो में दर्द संधिवात सर्वाइकल स्पांडिलाइटिस, लकवा, गठिया, हाथ पैर षरीर कांपना, पूरे षरीर में सुजन कही भी दबाने से गड्ढा हो जाना, लिंग दोष, नामर्दी, इन्द्री में लूजपन, नसों में टेडापन, छोटापन, उत्तेजना की कमी, मंदबुद्वि, वीर्य की कमी, बुडापे की कमजोरी, मिर्गी, चक्कर, एकांत में रहना आदि । कफ रोग लक्षण- पुरानी बार-बार सर्दी, खांसी, छींकें आना, एलर्जी, ईयोसिनोफिलिया, नजला, टी बी., सीने में दर्द, घबराहट, मृत्युभय, हार्टअटैक के लक्षण, स्वास फुलना, गले में दर्द गांठ, सुजन,टांसिल, कैंसर के लक्षण, थायराइड, ब्लड प्रेषर, बिस्तर में पेशाब करना, षरीर मुॅह से बदबू, लिवर किडनी का दर्द सूजन, सेक्स इच्छा कमी, चेहरे का कालापन, मोटापा, जांघो का आपस में जुडना, गुप्तांग में खुजली, घाव, सुजाक, कान बहना, षरीर फुल जाना, गर्भ नली का चोक होना, कमजोर अण्डाणु आदि ।